वास्तु टिप्स सीरीज | डे #16: सीढ़ियों (Staircase) का वास्तु और सही दिशा 🪜✨
घर में सीढ़ियां सिर्फ ऊपरी मंजिल पर जाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि यह घर की ऊर्जा को नीचे से ऊपर की ओर ले जाने का काम करती हैं। अगर सीढ़ियां गलत दिशा या गलत तरीके से बनी हों, तो घर में मानसिक तनाव, तरक्की में रुकावट और आर्थिक नुकसान हो सकता है। आइए जानते हैं सीढ़ियों से जुड़े कुछ बेहद जरूरी वास्तु नियम:
1. सीढ़ियों के लिए सबसे सही दिशा
- सबसे उत्तम दिशा: सीढ़ियों के लिए दक्षिण (South), पश्चिम (West) या दक्षिण-पश्चिम (South-West) दिशा को सबसे शुभ माना जाता है। इस दिशा में सीढ़ियां बनाने से घर के मुखिया का मान-सम्मान और स्थिरता बढ़ती है।
- यहाँ भूलकर भी न बनाएं: घर के ईशान कोण (North-East) और एकदम केंद्र (ब्रह्मस्थान) में सीढ़ियां कभी नहीं होनी चाहिए। इससे आर्थिक तंगी और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां आ सकती हैं।
2. सीढ़ियों की संख्या (Number of Steps)
- वास्तु के अनुसार सीढ़ियों की कुल संख्या हमेशा विषम (Odd Number) होनी चाहिए, जैसे— 11, 15, 17, 21 आदि।
- यदि आप संख्या को 3 से भाग दें, तो शेषफल हमेशा 2 बचना चाहिए (जैसे: 17 ÷ 3 = 5, शेष = 2)। इसे बेहद शुभ माना जाता है।
3. घुमावदार सीढ़ियां (Turning Direction)
- सीढ़ियों पर चढ़ते समय आपका रुख हमेशा घड़ी की सुई की दिशा में (Clockwise) यानी दाएं हाथ की तरफ मुड़ना चाहिए। एंटी-क्लॉकवाइज सीढ़ियां तरक्की में बाधाएं उत्पन्न करती हैं।
लोग अक्सर सीढ़ियों के नीचे की खाली जगह का इस्तेमाल करने के लिए वहां टॉयलेट, किचन या पूजा घर बना देते हैं। वास्तु में इसे सख्त मना किया गया है। सीढ़ियों के नीचे कभी भी कबाड़ या डस्टबिन भी न रखें। वहां आप सिर्फ एक साधारण स्टोरेज रूम बना सकते हैं।